स्त्री-व्यक्तित्व-विभिन्न पक्ष विभिन्न दृष्टिकोण

Authors

  • डॉ. पवन कुमार Author

DOI:

https://doi.org/10.56614/svrmby67

Abstract

पुरुषप्रधान समाज अथवा पितृसत्तात्मक व्यवस्था को संतुलित करने तथा उसे मानवीय दृष्टिकोण प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ हुआ स्त्री-चिन्तन स्त्री के व्यक्तित्व से जुड़े कई ऐसे बिन्दुओं को उजागर करता है, जहाँ सामान्यतः किसी का ध्यान नहीं जाता। समाज की एकपक्षीय या असंतुलित सोच के परिणामस्वरूप स्त्री में छिपी क्षमताओं तथा व्याप्त सम्भावनाओं को बाहर आने का अवसर नहीं के बराबर मिला। स्त्री को पुरुषप्रधान समाज द्वारा स्थापित कसौटियों के अयोग्य समझा गया। स्त्री में छिपी असीम क्षमताओं को तथ्यों के आधार पर उजागर कर स्त्री-चिन्तन

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Published

2026-01-28

How to Cite

स्त्री-व्यक्तित्व-विभिन्न पक्ष विभिन्न दृष्टिकोण. (2026). हिन्द खोज: अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका (HIND KHOJ: Antarrashtriya Hindi Patrika), ISSN: 3048-9873, 4(1), 31-37. https://doi.org/10.56614/svrmby67