बुंदेली लोकगीतों में पर्यावरण: एक संक्षिप्त दृष्टि

Authors

  • रानी पटैल, डॉ अवधेश जैन Author

DOI:

https://doi.org/10.56614/vc2t9p54

Keywords:

बुंदेली लोकगीत, पर्यावरण, प्रकृति चित्रण, बुंदेली लोकगीतों में पर्यावरण, बुन्देलखण्ड

Abstract

ऐसा कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज का समय सोशल मीडिया का समय है ।कोई भी चीज़ बहुत जल्दी समाज के हर व्यक्ति  के पास पहुँच जाती है ऐसे कुछ- एक लोकगीत भारत वर्ष में फैल जाते हैं जिस कारण जन सामान्य अपने मन में ये भ्रांति पाल लेता है कि लोकगीत तो बस हंसी- ठिठोली या मनोरंजन का ही विषय है 

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Published

2026-01-27

How to Cite

बुंदेली लोकगीतों में पर्यावरण: एक संक्षिप्त दृष्टि. (2026). हिन्द खोज: अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका (HIND KHOJ: Antarrashtriya Hindi Patrika), ISSN: 3048-9873, 4(1), 26-30. https://doi.org/10.56614/vc2t9p54

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