भारत भारती में राष्ट्रीय चेतना
DOI:
https://doi.org/10.56614/t9tkaw90Keywords:
राष्ट्रीय चेतना, राष्ट्र, राष्ट्रभक्तिAbstract
भारत भारती 1912 में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई महत्वपूर्ण रचना है। इस रचना में गुप्त जी ने अतीत के माध्यम से भारतीयों में राष्ट्रभक्ति व देशभक्ति जगाने का प्रयास किया है। वे अतीत को याद करते हुए कहते हैं कि भारत ही वह देश है जिसने संपूर्ण विश्व को मानवता का पाठ पढ़ाया लेकिन आज अंग्रेजों की कुशासनपूर्ण नीतियों ने भारत की यह दुर्दशा कर दी है।
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Copyright (c) 2026 हिन्द खोज: अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका (HIND KHOJ: Antarrashtriya Hindi Patrika), ISSN: 3048-9873

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