आयुर्वेदिक ग्रंथों में स्वास्थ्य और जीवन-शैली का दार्शनिक दृष्टिकोण

Authors

  • डॉ. आशुतोष भदौरिया Author

DOI:

https://doi.org/10.56614/w41e5895

Keywords:

आयुर्वेद, स्वास्थ्य, जीवनशैली, त्रिदोष, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, दार्शनिक दृष्टिकोण

Abstract

आयुर्वेद केवल चिकित्सा शास्त्र नहीं है, बल्कि यह जीवन के दार्शनिक दृष्टिकोण, स्वास्थ्य, जीवन-शैली और मानसिक संतुलन का एक व्यापक विज्ञान है। प्राचीन ग्रंथ जैसे चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदय न केवल रोग और चिकित्सा के विषय पर आधारित हैं, बल्कि स्वास्थ्य और जीवनशैली के दार्शनिक आधारों का भी विस्तृत वर्णन करते हैं। युर्वेद के अनुसार, स्वास्थ्य केवल शारीरिक समृद्धि नहीं बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक संतुलन का परिणाम है। त्रिदोष सिद्धांत (वात, पित्त, कफ), पंचमहाभूत और शरीर-मन-संस्कृति का संतुलन स्वास्थ्य की आधारशिला माने जाते हैं।

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Published

2024-09-10

How to Cite

आयुर्वेदिक ग्रंथों में स्वास्थ्य और जीवन-शैली का दार्शनिक दृष्टिकोण. (2024). हिन्द खोज: अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका (HIND KHOJ: Antarrashtriya Hindi Patrika), ISSN: 3048-9873, 2(2), 39-45. https://doi.org/10.56614/w41e5895

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