“शरद सिंह की कहानियों में स्त्री पात्र: एक अध्ययन”
DOI:
https://doi.org/10.56614/hz70s724Keywords:
शरद सिंह, स्त्री विमर्श, औरत, परिवार, कहानी, स्त्री पात्रAbstract
शरद सिंह का साहित्य स्त्री केंद्रित है । स्त्री की अस्मिता स्त्री की स्वतंत्रता के लिए लेखिका ने अपने कथा साहित्य के माध्यम से आधुनिकता और पारंपरिक रूढ़िग्रस्त समाज के बीच जूझने वाली स्त्री का चित्रण किया है । लेखिका ने जिन स्त्री पात्रों को अपनी कहानियों का माध्यम बनाया है उन स्त्रियों की समस्याएं एवं उनकी संवेदनाओं को इस शोध कार्य में बताया गया है। इस शोध पत्र में शरद सिंह की कहानियों में दिए गए स्त्री पात्रों का अध्ययन किया गया है। ‘कुसुमाबाई’ शरद सिंह की कहानी ‘गीला अंधेरा’ से लिया गया है यह एक ऐसी ग्रामीण स्त्री है जो सरपंच तो चुन ली जाती है लेकिन उसके सारे अधिकार उसके पति की मुट्ठी में रहते हैं स्त्रीयों के विरुद्ध होने वाले अपराध को दिखाया गया है। ‘पिंकू की मम्मी’ स्त्री पात्र शरद सिंह की कहानी जलते हुए शहर से लिया है।
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Copyright (c) 2026 हिन्द खोज: अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका (HIND KHOJ: Antarrashtriya Hindi Patrika), ISSN: 3048-9873

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